PENDRA: विवादों से फिर घिरे चंद्रकांत सलाम: पहले फर्जी नियुक्ति और कथित अवैध वसूली के आरोप, अब सेवा समाप्ति, वेतन रोकने और नियम विरुद्ध कार्रवाई की शिकायत

देवरीकला समिति में संग्राम! प्रभारी प्रबंधक चंद्रकांत सलाम पर गंभीर आरोपों की बौछार, कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग
“सेवा छीनी, वेतन रोका, नियम ताक पर रखे” — विक्रेता सुरेश साइमन का बड़ा आरोप

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित देवरीकला एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। समिति के विक्रेता सुरेश साइमन ने जिला कलेक्टर को विस्तृत शिकायत सौंपते हुए प्रभारी प्रबंधक चंद्रकांत सलाम पर सेवा से पृथक करने, वेतन रोकने, मूल समिति में कार्य नहीं देने तथा नियमों की अनदेखी कर मनमानी करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत ने समिति के कामकाज और प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या नियमों से ऊपर हैं प्रभारी प्रबंधक?

शिकायत में कहा गया है कि सुरेश साइमन वर्ष 2010-11 से समिति में कार्यरत हैं और धान खरीदी के दौरान प्रभारी प्रबंधक की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। उनका कहना है कि प्रशासनिक आदेश के तहत दूसरी समिति में संबद्ध किए जाने के बाद जब उन्हें वापस मूल समिति भेजा गया, तब भी उन्हें कार्यभार नहीं दिया गया। आरोप है कि उन्हें व्यवस्थित तरीके से हाशिये पर धकेला गया और वेतन भुगतान भी रोक दिया गया।
“मनपसंद व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों से खिलवाड़” का आरोप

सुरेश साइमन ने आरोप लगाया है कि प्रभारी प्रबंधक चंद्रकांत सलाम ने अपने पसंदीदा व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए समिति पर दबाव बनाया। शिकायत के अनुसार, अध्यक्ष की असहमति के बावजूद कथित रूप से नियमों की अनदेखी कर नियुक्ति की गई और संबंधित व्यक्ति को आर्थिक लाभ भी दिया गया। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सहकारी व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े करेगा।
बिना आदेश सेवा समाप्त? शिकायत में बड़ा दावा
शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें यह जानकारी मिली है कि उनकी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई कर दी गई है, लेकिन आज तक कोई आधिकारिक आदेश या सूचना उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई। यदि ऐसा हुआ है, तो यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के पालन पर भी सवाल खड़ा करता है।
पहले भी विवादों में रहा नाम, फिर उठे सवाल
शिकायत में यह भी कहा गया है कि प्रभारी प्रबंधक चंद्रकांत सलाम का नाम पहले भी कथित रूप से फर्जी नियुक्ति और किसानों से अवैध वसूली जैसे आरोपों के कारण चर्चाओं में रहा है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या सक्षम जांच की अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। ऐसे में नए आरोपों ने पुराने विवादों को भी फिर चर्चा में ला दिया है।
कलेक्टर से कार्रवाई की मांग, प्रशासन की परीक्षा
सुरेश साइमन ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, सेवा की स्थिति स्पष्ट करने, लंबित वेतन का भुगतान कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब निगाहें जिला प्रशासन पर हैं कि शिकायत की जांच कितनी तेजी और निष्पक्षता से होती है। फिलहाल, शिकायत में लगाए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता के हैं। इनकी पुष्टि सक्षम जांच के बाद ही हो सकेगी। प्रभारी प्रबंधक चंद्रकांत सलाम का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।








